इंसानियत – Insaniyat

इंसानियत 

दोस्तों आज हम कुछ अच्छी बाते आपको बतानेवाले है। हम हमेशा आपके लिए यहाँ मोटिवेशन की कहानिया लाते है. उसी तरह हमारा यह भी फ़र्ज़ बनता है की हमारे viewers को इन्सानियत के बारे में एक Positive बात भी याद दिला दे। हम सिर्फ आपके मोटीवेट करके सफल बनाना नहीं चाहते बल्कि इन्सानियत को ध्यान में रखकर सफल कराना चाहते है। क्योकि बहोतसे लोग सफल होने के बाद समाज और इन्सानियत के नाते अपना कुछ फ़र्ज़ बनता है यह भूल जाते है। इसलिए हम आज आप इन्सानियत का सच्चा पाठ पढ़ानेवाले है। तो इस article को पूरा जरूर पढ़े।
जो भी इंसान किसी दूसरे गरीब लाचार इंसान को अपना समझकर प्रेम करता है उसे इंसानियत के नजरिये से देखता है वही एक नेक दिल इंसान होता है या यह कहे की वही संत होता है जिसके मन में दुसरो के लिए करुणा हो प्रेम हो। ईश्वर हमेशा ऐसेही लोगो के ऋदय में वास करते है। उनका ऋदय माखन की तरह मॄदु रहता है। उस इंसान के दिल में अपने बच्चो के लिए जो प्यार और अपनापन होता है वही वह प्यार और अपनापन वह दुसरो के बच्चो पर भी करते है। आज कल काफी लोग अपने बच्चो को अच्छा बोलना सिखाते है खुद के बच्चो के सामने वह सिगरेट नहीं पिते गालिया नहीं देते पर जब उनके साथ किसी और के बच्चे होते है तो उस वक़्त वह लोग बच्चो के सामने गालिया देंगे सिगरेट स्मोक करेंगे उस वक़्त वह लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते की उनके सामने कोई बच्चा है वह आपको देखकर कुछ सिख रहा होता है। पर हमें इस बात से क्या लेना देना है वह हमारे बच्चे थोड़ी है।
इंसान का बड़ापन उसके बुद्धि पर या उसके विद्वान होनेपर या बहोत ज्यादा आमिर होनेपर नहीं होता है। बल्कि वह उनके विशालकाय ऋदय पर होता है उनके प्रेम और करुणापार उनका बड़ापन होता है। इस दुनिया में आनेवाले हर इंसान के पास बुद्धि होती है वह विद्वान भी बन सकता है और वह आमिर भी हो सकता है पर बड़ा ऋदय हर इंसान के पास नहीं होता है।

एक उदहारण के तौर पर आपको बता दे की दुनिया में कितने बड़े इंसान हो चुके है जो की विद्वान थे बुद्धिमान थे जगविजेता थे और बहोत ही अमीर भी थे पर आज उनको कोई याद नहीं करता उनकी कोई तस्वीर दिवार पर नहीं लगाता। घर घर उनको पूजा जाता है जो बुद्धिमान और विद्वान होने के साथ साथ जिसने ऋदय में दुसरो के प्रति प्रेम और करुणा हो जिनके ऋदय में प्रेम और मानवताका झरना अखंड बहता है।

अगर दुनिया के इतिहास को झांककर देखो तो दुनिया के बहोत सारे देशो की अधिसत्ताये क्रूरकर्माओंके हांथो में थी। वह चतुर थे बुद्धिमान थे ,लेकिन उनको कही पूजा नहीं जाता क्योकि उनकर ऋदय में करुणा का कण भी नहीं था उनको मानवतासे प्रेम नहीं था। उलटा आज सारी दुनिया में भगवान बुद्ध को पूजा जाता है।इंसान को हमेशा यह याद रखना चाहिए की भगवान ऋदय में बसते है और पैसा या सत्ता मस्तक में बैठती है। तो आपको सोचना होगा की आपको ऋदय की सुननी है या मस्तक की ?

कोई भूका प्यासा किसी बड़े डॉक्टर या अध्यपक या किसी और पैसेवाले सत्ताधीश इंसान के पास ज्याता है तो उसे वहा मदत की जगह अपमान मिलता है,गालिया मिलती है. वही वह किसी गरीब इंसान के पास जाता है तो उसे वह गरीब इंसान अपने मु का निवाला भी निकाल के दे देता है। यहाँ पे सवाल गरीब या आमिर होने का नहीं है। यहाँ सवाल है सोच का की कौन मस्तक से सोचता है और कौन ऋदय से. 
दोस्तों यह बाते हमने आपको इसलिए बताई की आप एक Succeful इंसान के साथ मानवतावादी भी बनो। समाज के प्रति आपका कोई दायित्व भी है यह हमेशा यद् रखो। आपके ऋदय में करुणा और प्रेम का वास् हो आप लोगो से प्यार करना सीखे। 
दोस्तों आपको हमारा आज का यह article कैसा लगा Comment में जरूर बताये साथ ही आपके कोई सवाल या सुझाव हो तो वह भी हमें बताये। 

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